वो एक माँ

इस दुनिया में आने से पहले, किसी ने आश्रा दिया,
तो वो थी माँ

दुनिया में आने के बाद, किसी ने पहला निवाला दिया,
तो वो थी माँ

निशब्द थी मैं, किसी ने मेरी ख़ामोशी को पढ़ा,
तो वो थी माँ

बढ़ रही थी वक़्त के साथ मैं भी, किसी ने हौसला दिया,
तो वो थी माँ

वक़्त बढ़ता गया, पीछे छूटते गये कुछ लोग , किसी ने हर पल साथ निभाया,
तो वो थी माँ

ज्ञान कहाँ था अच्छे बुरे का मुझे, किसी ने पढाये जीवन के पाठ,
तो वो थी माँ

विद्यालय का वो पहला दिन, कहने को बातें तो कितनी थी उस वक़्त, किसी ने महसूस किया उन बातों को,
तो वो थी माँ

परीक्षाफल अच्छा था या बुरा, किसी ने हर हालत में गले लगाया,
तो वो थी माँ

आज अरसो बाद भी, थकी हारी जब लौट के घर आती हूँ ,  जिसकी कमी खलती है जान से ज्यादा,
वो है माँ

लोग कहते है, बड़ी हो गयी हूँ काफी अब, नजर में अब भी जिसकी बच्ची हूँ,
वो है माँ

ख्याल रख सकती हूँ अब मैं भी लोगों की, मेरा ख्याल जो आज भी रखती है,
 वो है माँ

डरवाने सपने तो आज भी आते है रातों में, मेरी चीखों में भी जिसका नाम होता,
वो है माँ

बीमार होती हूँ अक्सर, साथ होता बहुतों का, सब के मौजुदगी में  जिसकी अनुपस्थिति खलती है,
वो है माँ

कितनी भी बड़ी क्यूँ न हो जाऊ, जिसकी गोद सदैव शुकून देगी,
वो है माँ

मेरी झल्लाहट बुरी है औरों के लिए, कोई समझता कारण इसके पीछे का तो,
वो है माँ

मैं अच्छी हूँ या बुरी, साबित नहीं करना होता जिसे,
वो है माँ

आँखों में आंसू आते जब भी, सर्वप्रथम ख्याल जिसका आता है,
वो है माँ

दूर थी या पास, चोट जब भी लगी हो मुझे, मेरे दर्द को मुझसे ज्यदा महसूस किया हो जिसने ,
वो है माँ

मेरी खुशियों के लिए, जिसने अपने खुशियाँ त्यागी,
वो है माँ

हँसते हँसते जिसने अपने सारे गम छुपाये,
वो है माँ

इस स्वार्थी दुनिया में,  जिसने निस्वार्थ प्यार दिया,
वो है माँ

बयां करने के बाद तो बहुत है तकलीफ समझने वाले, बिन बोले जिसने समझा तकलीफों को,
वो है माँ

शब्द कम है जिस ममता की मूरत के लिए,
वो है माँ

खुदा ने नवाजा है जिस सुंदर तोहफे से,
वो है माँ

एहसास खुदा का इस धरती पे,
वो है माँ

दुनिया बड़ी है काफी परन्तु पूरी दुनिया बसती हो जिसमे,
वो है माँ

जीवन देने वाली, जीवन बनाने वाले, आजीवन साथ निभाने वाली,
है वो एक माँ ।

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56 thoughts on “वो एक माँ

  1. amogh1438 says:

    I’m sure that your mom would be too happy to read this..Sooo beautifully u have described “Maa” , It would be a great gift on mother’s day if everyone would write something like this to their mom’s

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  2. Dheeraj Dave says:

    Waah mahi “maa”…so beautiful and emotional…once i wrote a couplet and that was:-
    वो आसमाँ के रंग में उलझा हुआ है
    उसको जमीन की कालिखो का क्या पता है
    माँ जो मुझको दे रही है गालियां
    उसके मन में मेरी खातिर बस दुआ है…

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  3. Steve says:

    This is it, and this is what shows you are made up for, offcou for your poems in hindi……you have a very good flow of words in what you write…… Keep up the good work……

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